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Motivational Story from Bhagavan Buddha

Motivational Story from Bhagavan Buddha

Hindi Motivational Story from भगवान बुद्ध

भगवान बुद्धअक्सर अपने शिष्यों को शिक्षा प्रदान किया करते थे। एक दिन प्रातः काल बहुत से भिक्षुक उनका प्रवचन सुनने के लिए बैठे थे । बुद्ध समय पर सभा में पहुंचे, पर आज शिष्य उन्हें देखकर चकित थे क्योंकि आज पहली बार वे अपने हाथ में कुछ लेकर आए थे। करीब आने पर शिष्यों ने देखा कि उनके हाथ में एक रस्सी थी। बुद्ध ने आसन ग्रहण किया और बिना किसी से कुछ कहे वे रस्सी में गांठें लगाने लगे ।

 

वहाँ उपस्थित सभी लोग यह देख सोच रहे थे कि अब बुद्ध आगे क्या करेंगे ; तभी बुद्ध ने सभी से एक प्रश्न किया, ‘ मैंने इस रस्सी में तीन गांठें लगा दी हैं , अब मैं आपसे ये जानना चाहता हूँ कि क्या यह वही रस्सी है, जो गाँठें लगाने से पूर्व थी ?’

 

एक शिष्य ने उत्तर में कहा,” गुरूजी इसका उत्तर देना थोड़ा कठिन है, ये वास्तव में हमारे देखने के तरीके पर निर्भर है। एक दृष्टिकोण से देखें तो रस्सी वही है, इसमें कोई बदलाव नहीं आया है । दूसरी तरह से देखें तो अब इसमें तीन गांठें लगी हुई हैं जो पहले नहीं थीं; अतः इसे बदला हुआ कह सकते हैं। पर ये बात भी ध्यान देने वाली है कि बाहर से देखने में भले ही ये बदली हुई प्रतीत हो पर अंदर से तो ये वही है जो पहले थी; इसका बुनियादी स्वरुप अपरिवर्तित है।”

 

“सत्य है !”, बुद्ध ने कहा ,” अब मैं इन गांठों को खोल देता हूँ।”यह कहकर बुद्ध रस्सी के दोनों सिरों को एक दुसरे से दूर खींचने लगे। उन्होंने पुछा, “तुम्हें क्या लगता है, इस प्रकार इन्हें खींचने से क्या मैं इन गांठों को खोल सकता हूँ?”

 

“नहीं-नहीं , ऐसा करने से तो या गांठें तो और भी कस जाएंगी और इन्हे खोलना और मुश्किल हो जाएगा। “, एक शिष्य ने शीघ्रता से उत्तर दिया।

 

बुद्ध ने कहा, ‘ ठीक है , अब एक आखिरी प्रश्न, बताओ इन गांठों को खोलने के लिए हमें क्या करना होगा ?’

 

शिष्य बोला , “इसके लिए हमें इन गांठों को गौर से देखना होगा, ताकि हम जान सकें कि इन्हे कैसे लगाया गया था , और फिर हम इन्हे खोलने का प्रयास कर सकते हैं।”

 

“मैं यही तो सुनना चाहता था। मूल प्रश्न यही है कि जिस समस्या में तुम फंसे हो, वास्तव में उसका कारण क्या है, बिना कारण जाने निवारण असम्भव है। मैं देखता हूँ कि अधिकतर लोग बिना कारण जाने ही निवारण करना चाहते हैं , कोई मुझसे ये नहीं पूछता कि मुझे क्रोध क्यों आता है, लोग पूछते हैं कि मैं अपने क्रोध का अंत कैसे करूँ ? कोई यह प्रश्न नहीं करता कि मेरे अंदर अंहकार का बीज कहाँ से आया , लोग पूछते हैं कि मैं अपना अहंकार कैसे ख़त्म करूँ ?

प्रिय शिष्यों , जिस प्रकार रस्सी में में गांठें लग जाने पर भी उसका बुनियादी स्वरुप नहीं बदलता उसी प्रकार मनुष्य में भी कुछ विकार आ जाने से उसके अंदर से अच्छाई के बीज ख़त्म नहीं होते। जैसे हम रस्सी की गांठें खोल सकते हैं वैसे ही हम मनुष्य की समस्याएं भी हल कर सकते हैं। इस बात को समझो कि जीवन है तो समस्याएं भी होंगी ही , और समस्याएं हैं तो समाधान भी अवश्य होगा, आवश्यकता है कि हम किसी भी समस्या के कारण को अच्छी तरह से जानें, निवारण स्वतः ही प्राप्त हो जाएगा । ” , महात्मा बुद्ध ने अपनी बात पूरी की।  

 

दोस्तों आपको यह स्टोरी “Hindi Motivational Story from भगवान बुद्ध”  कैसी लगी और आपने क्या सीखा वो हमारे साथ कमेंट बॉक्स में ज़रूर शेयर करे |


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Parenting Tips for Teenagers Hindi | How to Discipline Teenage Children?

Parenting Tips for Teenagers Hindi | How to Discipline Teenage Children?

Parenting Tips For Teenage Children

बच्चे  Teenage  में पहोच जाते हे तब बच्चे  Back Answering  और  Anger  बहोत ज्यादा करते हे| तो ऐसे Situation को कैसे  Tackle  करे| इस बात का Solution  में आज के इस Blog में देने जा रहा हु| जब बच्चे धीरे धीरे बड़े होते हे, साथो साथ उनको लेकर हमारे जो Problem हम Face करते हे वो भी धीरे धीरे बड़े होते हे| जब बच्चा  Teenage  के आसपास और  Teenage  में पहोचता हे तो ज्यादातर बच्चो की अंदर Total जो 4 Problem दिखाई देते हे| वो आप लोगो के साथ Share करना चाहता हु|

4 Problem’s Of Teenage

1) Argument  :- जैसे जैसे आपका बच्चा बड़ा होता जाता हे| वैसे वैसे सायद बच्चो की हमारे साथ

थोड़ी Argument  तू तू में में बठती जाती हे|
2) Arrogance :- बच्चे पहले हमारी बात सुन लिया करता था लेकिन अब बच्चा धीरे धीरे Arrogant होता हे|

3) Anger :-  देखा गया हे की बच्चे जैसे जैसे बड़ा होता जा रहा हे वैसे उसका Anger भी बठता हे |

4) Aloneness (Loneliness):- धीरे धीरे बच्चा बड़ा होता हे वो अब धीरे धीरे वो अपने आपको मम्मी पापा से दूर करता जाता हे| छोटा बच्चा जैसे पठने के लिए पहले मम्मी के साथ Study करता था | और मम्मी की बात पठने ने के लिए सुना करता था| जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता हे वो अपने आप को Alone करता हे|

बच्चा Social  Function  में आना नहीं चाहता और मम्मी और पापा के साथ Study  करने नहीं बेठता , बच्चा अपने आपको रूम में बंध रखता हे|

 

बच्चे धीरे धीरे बड़े होते हे, वैसे वैसे ये 4 Problem  भी बठते जाते हे|So ये 4 Problem के Solution लेकर आज का ये Blog हे| जहा पर दोस्तों 5 – A” आप लोगो के साथ Share करना चाहता हु|

“5-A” Parenting Tips For Teenage Children

1) Accept –

As A Parents  हमें ये Accept  करना हे की बच्चो अपनी मम्मी पापा को लेकर थोड़ा सा  Upset और Argument  कर सकता हे| बच्चे,  जो हमारे Opinion  हे या जो हमारे Solution  हे  वो Accept  ना करे तो उसमे कोई गलत बात नहीं हे| दुनिया के जितने भी Parents  हे उनके बच्चो के द्वारा उन्होंने सुना ही होगा की आप अच्छे मम्मी और अच्छे पापा नहीं हो और आप मुझे अच्छा प्यार नहीं करते हो और बच्चा आप पर गुस्सा करता हे ये स्वाभाविक हे|

परम पूज्य महात्मा गाँधी के बच्चोने भी सायद उनको इतना Accept नहीं किया था| उनको भी लगा था की मेरे पापा के अंदर बहोत सारे Improvement  की जरुरत हे| बड़े से बड़ा व्यक्ति हो उनको अपने बच्चे के पास से सुनना पड़ता ही हे| So First Think That is Accept  करे की बच्चे जब बड़े होते हे तो उनका खुद का Opinion होगा, उनके खुद की सोच होगी और वो हमारे सामने Argument या Anger करेंगे| वो बात को सब से पहले हम Accept करना शुरू करे|

मम्मी पापा को लगता हे की Problem मुजमे हे, में अच्छा मम्मी और पापा नहीं बन पाया| में ये कहना चाहता हु की दुनिया के हर बच्चे को अपने मम्मी पापा को लेकर कही ना कही और कभी ना कभी ऐसा Behavior  देखा गया हे| So No 1 Accept करे की बच्चे Teenage में ऐसा Behave करते ही हे So  आप सबसे पहले Tension Free हो चाहिए|

2) Appreciate The Work :-

जैसे बच्चे बड़े होते जाते हे वैसे देखा गया हे की मम्मी पापा की और से बच्चो को जो Appreciation मिलना चाहिए वो धीरे धीरे कम होता हे| ज्यादा केस में देखा गया हे की बच्चा जब छोटा होता हे तब उसकी छोटे सी छोटी बात पर Appreciate करते हे|बच्चा जब पहेली बार चलता हे, मम्मी या पापा बोलता हे तब उसको Appreciation मिलता हे| धीरे धीरे बच्चा बड़ा होता हे और उसके बाद बच्चो को धीरे धीरे Appreciation मिलना कम होता हे| बच्चो को Appreciation कम मिलने  के कारण उसके अंदर वो Irritating , Anger, Argument  और Arrogance आता हे| इसलिए बच्चा अपने आप को Alone करता हे|

हमें वो चीज़ याद रखे की बच्चे जैसे जैसे बड़ा होता हे, Problems को साइड में करते हुए वो कोई भी चीज़ अछि करता हे तो वो चीज़ को है Appreciate करे| एक चीज़ ध्यान में रखिये की बच्चे को नहीं, बच्चे को उस काम को Appreciate करना हे|

As A Example :- मेरा बच्चा 90 % लेकर आता हे तो बेटे को Appreciate नहीं करना हे की तू बहोत ही Brilliant, Genius हे| उसके जगह पर मुझे बच्चे के Efforts को Appreciate करना हे|बेटा तूने इस बार जो Paper Writing पे  Focus किया और 1 Month पहले से Reading शुरू की थी वो सही में काबिल के तारीफ थी| जब भी हम बच्चो को Appreciate करते हे तो बच्चो के अंदर Arrogance आ जाता हे| But  उसकी जगह पर बच्चो के द्वारा किये गए Efforts को Appreciate करेंगे तो Defiantly Children Would Agree Efforts is Powerful  और उनका behavior  हमारे प्रति Good And Positive होगा|

3) Adventure :-

बच्चे बड़े होते हे, वैसे बच्चो को Adventure और Excitement  की Requirement  होती हे| इसीलिए आपने देखा होगा की Teenage के बच्चो के हाथ में व्हीकल आते ही बच्चे Full Speed से चलाने लगते हे| बच्चे Racing करना चाहते हे| ऐसी चीज़े जंहा उनको Adventure Feel हो वैसी चीज़ो के अंदर ध्यान ज्यादा जाता हे| इसीलिए बच्चो को Action Movie And Action Games ज्यादा Prefer  करते हे, आज के बाद हमें Routine के अंदर क्या Add करना हे| That is हम बच्चो के साथ थोड़ा Adventure करे|

As A Example  हम बच्चो को Mall में लेके जाने से अच्छा हे की हम बच्चो को Amusement  Park के अंदर लेके जाये| हम बच्चो के साथ Badminton  खेले, Race लगाए और Boxing कर सकते हे| वैसी चीज़े जहा बच्चे Adventure Feel करते हो वो यदि हम उसके साथ नहीं करेंगे तो वो चीज़े बच्चे अपने दोस्तों के साथ करेंगे ,और वो Wrong Direction में भी जा सकते हे |

4) Advice From Others :-

बच्चे जब बड़े हो जाते हे उनके लिए मम्मी पापा घर की मुर्ग़ी दाल बराबर लगने लगते हे| मम्मी पापा की Value Comparatively  धीरे धीरे कम हो जाती हे| क्यूंकि बच्चे ने बचपन से हमको उठते , बैठते , Anger, Argument And तू तू में में करते हुए  देखा हे| बच्चे को हमारी Advice की Value नहीं हे, फिर हमें क्या करना चाहिए Advice From Others| जब बच्चा बड़ा होता हे, Teenage में पहोचता हे और आपकी बात सुनना कम कर देता हे तब ऐसे कोई Coach को ढूंडे और ऐसी कोई व्यक्ति को ढूंडे , ऐसे कोई Uncle या Aunt , जिसका Influence  और प्रभाव आपके बच्चे पर हो| उनके द्वारा यदि आप Advice  दिलवायेंगे तो Defiantly  बच्चा उनकी बात जरूर मानेगा|

जो बच्चे Teenage में होते हे उनके लिए मेरा Enjoy Your Exam का Workshop हे| 2 Days  के अंदर Teenage बच्चो को  में, मम्मी पापा के साथ केसा Behave  करना चाहिए, Study And Exam को कैसे Face करना चाहिए, concentration कैसे Improve  करना चाहिए, ऐसी काफी सारी Techniques सिखाता हु| मम्मी पापा  बच्चो को 5 Year से पठाई के लिए बोलते हो पर बच्चा पठाई नहीं करता  पर यहां 2 Days आता हे और 2 Days के बाद बच्चे के अंदर काफी सारा Change आता हे| मम्मी पापा काफी Surprise  होते हे की यार हम तो 5 Year से बोल रहे थे तो Change नहीं आया और Sir आप के Workshop  Attend करने के  2 Days  में मेरा बच्चा काफी बदल गया हे|क्यों Friends  ये Change होता हे That Reason is Advice From OtherMore About Enjoy Your Exam Click Here.

जैसे जैसे बच्चा बड़ा होता हे वैसे ही घर के लोगो की Value कम होती हे तो समय पे हमारे Neighborhood, Friends या Relatives  में ऐसा कोई व्यक्ति की जिसकी बच्चा Value करता हो, जिनसे बच्चा Influence  हो, वो व्यक्ति से Advice  हम खुद दिलवाये या कोई भी Professional  Course जैसे की मेरा Enjoy Your Exam Workshop  हे, या आपके सिटी में भी ऐसा कोई न कोई वर्कशॉप Teenage बच्चो को लेकर होते हे| वहां पर बच्चोको Enroll करे, उससे आपको Defiantly  Change दिखेगा|

5) Ask :-

आज से पहले ज्यादातर हम बच्चो को Suggestion or Advice देते थे| But Friends जब बच्चा Teenage में आता हे, उसके बाद उसके अंदर खुद का Ego  Develop  होता हे| अब हम उसको Advice देते हे तो बच्चा  हमारी बाते Accept  नहीं करता| बच्चा Argument  पे आ जाता हे और बच्चा हमारे पर Anger  करना Start कर देता हे|

आज के बाद हम क्या करंगे, तू TV बंध कर, तू पठाई पे ध्यान दे, तू कुछ करता नहीं ऐसी Advice देने से ज्यादा, Ask Him आप उसको पूछे की बेटा, आपको कोनसे टाइम पे पढ़ना चाहिए, आपको कितने समय में टीवी बंध कर देना चाहिए| So  उसको Advice देने से ज्यादा हम उसको Ask करे|

छोटी छोटी बातो को आप पूछ सकते हो| जितना ज्यादा आप बच्चो को पूछेंगे, जितने Option  हम उनसे पास से निकालेंगे तो हमें उतना ही अच्छा Result मिलेगा .

Teenage Children के लिए Tips देना चाहूंगा Friends :- बच्चो को डायरेक्ट Advice देने से ज्यादा बच्चो को 2 या 3 Option दे . Example :- तू कब पढ़ेगा, पढाई करने के लिए बैठ, तू आज पढ़ने के लिए बैठा ही नहीं, वो Direct  Advice  देने की जगह आप उसको पूछे की बेटा आज 4 O’clock  पढ़ने के लिए बैठोगे या  6 O’clock ? जब आप उसको पूछते हो और उसको दोनों में से 1 Option Choose  करना हे, तो Defiantly  Option  उसने Choose किया हुआ हे तो वो उसको Follow करने की Probability  बढ़ जाती हे|

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Inspirational Story: “Where there is a WILL, there is always a way”

Inspirational Story: “Where there is a WILL, there is always a way”

Inspirational Story: “Where there is a WILL, there is always a way” 

Long ago, in China, there lived a big businessman whose business was to sell combs. Now that he was becoming old and about to retire, he wanted to place the business into wise and able hands.

So, he called forth his three sons and instructed them, that their assignment was to sell combs in the Buddhist monastery. The sons were shocked and confused because the monks in the monastery were bald and they never grew any hair. Anyhow, the three sons went about the job that was assigned to them.

After two days, the first son reported he had sold two combs. When the father asked how, he replied, that he instructed the monks that the comb would be a valuable tool for scratching their backs in case of itching.

The second son appeared later and told that he had sold ten combs by advising the monks that the combs would help their visitors and pilgrims to comb their hair before entering the monastery, as their hair might have ruffled during the journey to the monastery.

Then the third son came out with a surprising sales figure of a thousand Combs. The father filled with happiness and anxiety asked him how he had achieved such a feat.

The third son replied, that he gave the monks an idea.The idea was, that if some of the teachings of Buddha were to be printed/embossed on the comb and given as a take away gift to the visitors and pilgrims; they will remember the teachings of Buddha on a daily basis while combing their hair.
This creative idea struck the deal.

The simple story above goes to show that, “Where there is a WILL, there is always a way”

Our Attitude Shapes our Action and Results also, when faced with challenge how will you respond? How can you create new need/desire for your customers? Kindly Leave your comments…

 Hope you enjoyed the Inspirational Story,  

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सफल होने के लिए No:1 सीक्रेट ! No:1 Secret for Success !

सफल होने के लिए No:1 सीक्रेट ! No:1 Secret for Success !

मैं Parikshit Jobanputra – Motivational Speaker & Life Coach, इस हफ्ते के नए Hindi motivational blog, No:1 Secret for Success मेंआप का स्वागत करता हूं l आज की यह जो blog वह हमें जीवन के अंदर हमारे dreams के लिए हमें मेहनत करना और डटे रहना सिखाता है l

ज्यादातर लोग अपने जीवन में सिर्फ और सिर्फ problems को देखते हैं और problems को देखते हुए उन्हें लगता है कि उनके जीवन में सफल होना संभव नहीं है l उन्हें लगता है सफलता शायद उनके नसीब में नहीं है l

पर दोस्तों मैं यह Secret for Success बताना चाहता हूं कि असंभव या IMPOSSIBLE हकीकत नहीं है, वह मात्र और मात्र किसी व्यक्ति का मंतव्य है और उस बात को आप के जीवन की हकीकत न बनने दें l

किसी भी लक्ष्य को यदि आप पूरे दिल से चाहते हो और उस बात के लिए कड़ी मेहनत करते हो तो दुनिया में कुछ भी पाना नामुमकिन नहीं है दोस्तों l

  • एक ऐसा लड़का जिसके पिता fishing का काम किया करते थे, वह लड़का अपने परिवार का पेट भरने के लिए लोगों के घर जाकर newspaper  बेचा करता था वह लड़का भला क्या कर पाता ? वह व्यक्ति pilot के interview में भी फेल हुए थे और दोस्तों आज पूरी दुनिया उन्ही Missile Man  के नाम से जानती है l Abdul Kalam अपनी सच्ची लगन मेहनत और ईमानदारी से ना सिर्फ एक scientist बने, बल्कि INDIA के president भी बने l
  •  All India Radio(AIR)  में अपनी भद्दी आवाज की वजह से reject  हुए थे, वह दुखी नहीं हुए ,बैठ नहीं, गए हार नहीं मानी लेकिन कड़ी मेहनत से अपनी आवाज को सबसे ज्यादा फेमस कर दिया और वह है अमिताभ बच्चन l
  •  लोग कहते हैं कि अच्छी communication के बिना अच्छा career  बना पाना मुमकिन नहीं है लेकिन एक व्यक्ति जिन्होंने अपने career  के लिए एक भी शब्द नहीं बोला और फिर भी दुनिया के सफल व्यक्तियों के बीच में अपना नाम लिख दिया और वह Charlie Chaplin l

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Secret for Success – जो भी आप के reasons आपको सफलता की ओर आगे ले जाने से रोक रहे है हमें उन reasons को रोकने की जरूरत है, हम जो भी चाहे वह definitely पूरा कर सकते हैं l

  •  जीने टीचर दिमागी तौर पर slow मानते थे, जो बच्चा अपने जीवन में 4 साल की उम्र तक बोल नहीं पाया ,जो 7 साल की उम्र तक पढ़ नहीं पाया, वही बच्चा बड़ा होकर Albert Einstein बनता है l
  •  एक व्यक्ति जिसकी फिल्म की स्क्रिप्ट के लिए उनको 1500 से भी ज्यादा बार reject किया गया फिर भी वह अपने GOAL पर अडिग रहें और अपनी मेहनत चालू रखी l उन्होंने “ROCKY”  जैसी सुपर डुपर हिट फिल्म बना  दी और वह व्यक्ति थे  Sylvester Stallone l

इतनी बार नाकामयाबी मिलने के बावजूद भी उन्होंने अपने प्रयत्न में कभी भी कमी नहीं आने दी,  Secret for Success वैसे ही आप भी निष्फलता से डरे बिना अपने गोल के लिए सतत प्रयत्न करते रहे l

  • एक ऐसा व्यक्ति जो ग्रेजुएट होने के बाद तकरीबन 30 से ज्यादा job में apply करता है और हर बार उन्हें  नाकामयाबी मिलती है l हर जॉब में उनको एक ही बात सुनने को मिलती है  that is  “you are not good” l वह व्यक्ति अपने जीवन में हार नहीं मानते और अपने लिए सफलता की नई राह चुनते  हैं, वह व्यक्ति है JACK MA. आज alibaba.com की वेबसाइट से पूरी दुनिया में फेमस है और दुनिया के Top Rich लोगों के अंदर भी उनका नाम है l
  • एक बच्चा  10th standard  में STD-PCO में पार्ट टाइम काम किया करता था, गरीबी के कारण जो बच्चा 12th  standard तक government school में पढ़ा, जो बच्चा अमृतसर के “Laughter Challenge” के ऑडिशन में फर्स्ट टाइम रिजेक्ट हो गया वह व्यक्ति ने भी अपने जीवन के अंदर हार नहीं मानी l फिर से audition देने के लिए दिल्ली पहुंच गए और वहां पर ना सिर्फ उनको सिलेक्ट किया गया पर दोस्तों वह पहले नंबर से जीते वह व्यक्ति है Kapil Sharma l

सोचे Secret for Success कि हर जो व्यक्ति सफल हुआ है उसको कहीं ना कहीं कभी न कभी निष्फलता का सामना करना पड़ा है l

  •  Michael Jordan बास्केटबॉल के लिए पूरी दुनिया में माने जाते हैं पर दोस्तों आपको जान कर हैरानी होगी कि बचपन में उन्हें भी अपने स्कूल के बास्केट बॉल की टीम से निकाला गया था कहते हुए कि आप उतना अच्छा नहीं खेल पाते हो l

जितने भी सक्सेसफुल लोग हुए हैं सभी लोगों की जीवन का मैने स्टडी किया है और सभी लोगों को कोई ना कोई मुश्किल कोई परेशानी आई थी l इन सारे example के द्वारा मैं भी आपको वही Secret for Success बताना चाहता हूं कि यदि आज आपके जीवन में परेशानी है आपके जीवन में कोई मुश्किल है तो चिंता ना करें, अपने आप पर विश्वास रखें l

भले शुरुआत में आपको सफलता ना मिले फिर भी आप डेट रहे, पुरे लगन के साथ अपना काम चालू रखें l और एक दिन यही लोग होंगे जो आपके लिए खुश होकर तालियां बजाते होंगे l

एक बात  जरूर से ध्यान रखें कि “IMPOSSIBLE” शब्द को भी यदि हम अलग करके देखते हैं तो वह खुद ही कहता है

“ I AM POSSIBLE “

Secret for Success आज से अपने लक्ष्य के लिए डटे रहे और आपके जीवन में बहुत सारी सफलता पाएं ऐसी ढेर सारी शुभकामनाओं के साथ मैं आप को अलविदा कहना चाहता हूं l   – Parikshit Jobanputra

Helpful article for parents – best parenting tips

Helpful article for parents – best parenting tips

Many Parents ask me one common question, How can we help our child to be a responsible & happy? How to reduce TV time? So Today i am sharing best parenting tips for the same. Hope this will help you ! 

I am an Author, Coach, Motivational Speaker & a Counsellor with 12 years of experience working with children, Parents, Teachers & Corporates. I am fortunate enough to touched over 1.2 million lives. Clearly, through my observation & experience here i am sharing some of the best parenting tips…  

 

  1. Successful Parenting needs Patience! “Patience is not just about waiting… it is more about how you behave with child while waiting.”
  2. Allot time to listen your child. Lend your child a listening ear and you will discover new things about your child.
  3. Avoid sharing your negative feelings with your child. Your complaints show ur sign of weakness & reduces ur self-value.
  4. coping-with-gadget-feverWeekends are when children spend the most time watching television since they have a lot of free time
    on their hands. Make it a point to plan some form of an outing with your children which involves some activity.
  5. Watching TV while eating can cause indigestion & obesity in child. So keep ur dinner before or after TV program but not together.
  6. Turn off the television when your child’s friends are over. It may be hard to limit your child’s watching TV when he alone, but it will be easy when he has a friend over.
  7. Make a similar pact with other parents, and ask them that when your child is over at their place, they should turn off the television.Best Parenting Tips by Parikshit Jobanputra
  8. Develop habit to send your child to your building garden or to the neighbourhood park in the evenings to play with other children. Rather watching TV and GAMES.
  9. Encourage your child to take part in the activities he likes and avoid forcing him. If they are interested in sports, support them to take part in sports.
  10. To get your Child to eat Healthy  eat at least one meal together everyday. This gives you a chance to serve Healthy Food. 
  11. Take time to play indoor or outdoor games with your child. All the time home work & no play makes your child a dull in study.

 

From my experience as a No:1 Coach in Parenting, i found children change the moment parents change their perspective on parenting.  Help your kids succeed in life by training and strengthening their brain sooner than later.

To watch Parenting Seminar by Parikshit Jobanputra click below link!

 

Modern Parenting Tips & Traps

Modern Parenting Tips & Traps

 I Parikshit Jobanputra want to share some modern parenting tips & traps. As a parent of new generation kids, just think! Years back Our Poor / Illiterate Parents had given us stress free & happy childhood. They produced Doctors, Engineers, Scientists, Accountants, Lawyers,  Architects,  Professors…

Whom I will refer to as “Group-A.”

These “Group-A.” Children struggled on their own after Primary 6 or Grade 12, to become notable personalities. Most of them trekked to school “barefooted” went to farms fetched water and firewood
cared for domesticated animals did some work including trading after school to survive.

Now “Group-A”, who have now become Parents themselves are producing  “Group-B”  Children
These group B children are…

  • Pampered,
  • Helped in their homework or assignments from nursery school through secondary schools.
  • School Bus or Chauffeur driven to very expensive schools or are sent abroad to study.
  • They can watch movies from morning till dawn after school.
  • In home also they are treated like baby kings and queens.
  • They don’t do any household chores.
  • Food is put on the table for them, their plates are removed and washed by parents or house maids.
  • They are given expensive Toys and clothes, not forgetting “big pocket monies to be wasted” !
  • Their parents help them in doing their assignments. In spite of all these, only few can “speak” or “write” correctly.

 “Group-A” Parents cared for their own parents and children, “Group-B”, their Children are still struggling to find their feet at age 30+.

They find it difficult to do things on their own because they are used to being helped to think and doing things by “Group-A”. So they can’t help themselves, their parents or the society.

Tips for Modern Parents

  • Reduce the pampering and the unnecessary help you offer your children.
  • Let your children grow in wisdom, intelligence and strength by their own experience.
  • Let them face the truth and the realities of life.
  • Teach them to grow  to become independent adults.
  • Teach them to fear God, respect  others and develop confidence in themselves.
  • Parents, discipline your children to become responsible adults.

Wishing You a very Successful Parenting…

Parikshit Jobanputra

– Life Management Coach

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