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Parenting Tips for Teenagers Hindi | How to Discipline Teenage Children?

Parenting Tips for Teenagers Hindi | How to Discipline Teenage Children?

Parenting Tips For Teenage Children

बच्चे  Teenage  में पहोच जाते हे तब बच्चे  Back Answering  और  Anger  बहोत ज्यादा करते हे| तो ऐसे Situation को कैसे  Tackle  करे| इस बात का Solution  में आज के इस Blog में देने जा रहा हु| जब बच्चे धीरे धीरे बड़े होते हे, साथो साथ उनको लेकर हमारे जो Problem हम Face करते हे वो भी धीरे धीरे बड़े होते हे| जब बच्चा  Teenage  के आसपास और  Teenage  में पहोचता हे तो ज्यादातर बच्चो की अंदर Total जो 4 Problem दिखाई देते हे| वो आप लोगो के साथ Share करना चाहता हु|

4 Problem’s Of Teenage

1) Argument  :- जैसे जैसे आपका बच्चा बड़ा होता जाता हे| वैसे वैसे सायद बच्चो की हमारे साथ

थोड़ी Argument  तू तू में में बठती जाती हे|
2) Arrogance :- बच्चे पहले हमारी बात सुन लिया करता था लेकिन अब बच्चा धीरे धीरे Arrogant होता हे|

3) Anger :-  देखा गया हे की बच्चे जैसे जैसे बड़ा होता जा रहा हे वैसे उसका Anger भी बठता हे |

4) Aloneness (Loneliness):- धीरे धीरे बच्चा बड़ा होता हे वो अब धीरे धीरे वो अपने आपको मम्मी पापा से दूर करता जाता हे| छोटा बच्चा जैसे पठने के लिए पहले मम्मी के साथ Study करता था | और मम्मी की बात पठने ने के लिए सुना करता था| जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता हे वो अपने आप को Alone करता हे|

बच्चा Social  Function  में आना नहीं चाहता और मम्मी और पापा के साथ Study  करने नहीं बेठता , बच्चा अपने आपको रूम में बंध रखता हे|

 

बच्चे धीरे धीरे बड़े होते हे, वैसे वैसे ये 4 Problem  भी बठते जाते हे|So ये 4 Problem के Solution लेकर आज का ये Blog हे| जहा पर दोस्तों 5 – A” आप लोगो के साथ Share करना चाहता हु|

“5-A” Parenting Tips For Teenage Children

1) Accept –

As A Parents  हमें ये Accept  करना हे की बच्चो अपनी मम्मी पापा को लेकर थोड़ा सा  Upset और Argument  कर सकता हे| बच्चे,  जो हमारे Opinion  हे या जो हमारे Solution  हे  वो Accept  ना करे तो उसमे कोई गलत बात नहीं हे| दुनिया के जितने भी Parents  हे उनके बच्चो के द्वारा उन्होंने सुना ही होगा की आप अच्छे मम्मी और अच्छे पापा नहीं हो और आप मुझे अच्छा प्यार नहीं करते हो और बच्चा आप पर गुस्सा करता हे ये स्वाभाविक हे|

परम पूज्य महात्मा गाँधी के बच्चोने भी सायद उनको इतना Accept नहीं किया था| उनको भी लगा था की मेरे पापा के अंदर बहोत सारे Improvement  की जरुरत हे| बड़े से बड़ा व्यक्ति हो उनको अपने बच्चे के पास से सुनना पड़ता ही हे| So First Think That is Accept  करे की बच्चे जब बड़े होते हे तो उनका खुद का Opinion होगा, उनके खुद की सोच होगी और वो हमारे सामने Argument या Anger करेंगे| वो बात को सब से पहले हम Accept करना शुरू करे|

मम्मी पापा को लगता हे की Problem मुजमे हे, में अच्छा मम्मी और पापा नहीं बन पाया| में ये कहना चाहता हु की दुनिया के हर बच्चे को अपने मम्मी पापा को लेकर कही ना कही और कभी ना कभी ऐसा Behavior  देखा गया हे| So No 1 Accept करे की बच्चे Teenage में ऐसा Behave करते ही हे So  आप सबसे पहले Tension Free हो चाहिए|

2) Appreciate The Work :-

जैसे बच्चे बड़े होते जाते हे वैसे देखा गया हे की मम्मी पापा की और से बच्चो को जो Appreciation मिलना चाहिए वो धीरे धीरे कम होता हे| ज्यादा केस में देखा गया हे की बच्चा जब छोटा होता हे तब उसकी छोटे सी छोटी बात पर Appreciate करते हे|बच्चा जब पहेली बार चलता हे, मम्मी या पापा बोलता हे तब उसको Appreciation मिलता हे| धीरे धीरे बच्चा बड़ा होता हे और उसके बाद बच्चो को धीरे धीरे Appreciation मिलना कम होता हे| बच्चो को Appreciation कम मिलने  के कारण उसके अंदर वो Irritating , Anger, Argument  और Arrogance आता हे| इसलिए बच्चा अपने आप को Alone करता हे|

हमें वो चीज़ याद रखे की बच्चे जैसे जैसे बड़ा होता हे, Problems को साइड में करते हुए वो कोई भी चीज़ अछि करता हे तो वो चीज़ को है Appreciate करे| एक चीज़ ध्यान में रखिये की बच्चे को नहीं, बच्चे को उस काम को Appreciate करना हे|

As A Example :- मेरा बच्चा 90 % लेकर आता हे तो बेटे को Appreciate नहीं करना हे की तू बहोत ही Brilliant, Genius हे| उसके जगह पर मुझे बच्चे के Efforts को Appreciate करना हे|बेटा तूने इस बार जो Paper Writing पे  Focus किया और 1 Month पहले से Reading शुरू की थी वो सही में काबिल के तारीफ थी| जब भी हम बच्चो को Appreciate करते हे तो बच्चो के अंदर Arrogance आ जाता हे| But  उसकी जगह पर बच्चो के द्वारा किये गए Efforts को Appreciate करेंगे तो Defiantly Children Would Agree Efforts is Powerful  और उनका behavior  हमारे प्रति Good And Positive होगा|

3) Adventure :-

बच्चे बड़े होते हे, वैसे बच्चो को Adventure और Excitement  की Requirement  होती हे| इसीलिए आपने देखा होगा की Teenage के बच्चो के हाथ में व्हीकल आते ही बच्चे Full Speed से चलाने लगते हे| बच्चे Racing करना चाहते हे| ऐसी चीज़े जंहा उनको Adventure Feel हो वैसी चीज़ो के अंदर ध्यान ज्यादा जाता हे| इसीलिए बच्चो को Action Movie And Action Games ज्यादा Prefer  करते हे, आज के बाद हमें Routine के अंदर क्या Add करना हे| That is हम बच्चो के साथ थोड़ा Adventure करे|

As A Example  हम बच्चो को Mall में लेके जाने से अच्छा हे की हम बच्चो को Amusement  Park के अंदर लेके जाये| हम बच्चो के साथ Badminton  खेले, Race लगाए और Boxing कर सकते हे| वैसी चीज़े जहा बच्चे Adventure Feel करते हो वो यदि हम उसके साथ नहीं करेंगे तो वो चीज़े बच्चे अपने दोस्तों के साथ करेंगे ,और वो Wrong Direction में भी जा सकते हे |

4) Advice From Others :-

बच्चे जब बड़े हो जाते हे उनके लिए मम्मी पापा घर की मुर्ग़ी दाल बराबर लगने लगते हे| मम्मी पापा की Value Comparatively  धीरे धीरे कम हो जाती हे| क्यूंकि बच्चे ने बचपन से हमको उठते , बैठते , Anger, Argument And तू तू में में करते हुए  देखा हे| बच्चे को हमारी Advice की Value नहीं हे, फिर हमें क्या करना चाहिए Advice From Others| जब बच्चा बड़ा होता हे, Teenage में पहोचता हे और आपकी बात सुनना कम कर देता हे तब ऐसे कोई Coach को ढूंडे और ऐसी कोई व्यक्ति को ढूंडे , ऐसे कोई Uncle या Aunt , जिसका Influence  और प्रभाव आपके बच्चे पर हो| उनके द्वारा यदि आप Advice  दिलवायेंगे तो Defiantly  बच्चा उनकी बात जरूर मानेगा|

जो बच्चे Teenage में होते हे उनके लिए मेरा Enjoy Your Exam का Workshop हे| 2 Days  के अंदर Teenage बच्चो को  में, मम्मी पापा के साथ केसा Behave  करना चाहिए, Study And Exam को कैसे Face करना चाहिए, concentration कैसे Improve  करना चाहिए, ऐसी काफी सारी Techniques सिखाता हु| मम्मी पापा  बच्चो को 5 Year से पठाई के लिए बोलते हो पर बच्चा पठाई नहीं करता  पर यहां 2 Days आता हे और 2 Days के बाद बच्चे के अंदर काफी सारा Change आता हे| मम्मी पापा काफी Surprise  होते हे की यार हम तो 5 Year से बोल रहे थे तो Change नहीं आया और Sir आप के Workshop  Attend करने के  2 Days  में मेरा बच्चा काफी बदल गया हे|क्यों Friends  ये Change होता हे That Reason is Advice From OtherMore About Enjoy Your Exam Click Here.

जैसे जैसे बच्चा बड़ा होता हे वैसे ही घर के लोगो की Value कम होती हे तो समय पे हमारे Neighborhood, Friends या Relatives  में ऐसा कोई व्यक्ति की जिसकी बच्चा Value करता हो, जिनसे बच्चा Influence  हो, वो व्यक्ति से Advice  हम खुद दिलवाये या कोई भी Professional  Course जैसे की मेरा Enjoy Your Exam Workshop  हे, या आपके सिटी में भी ऐसा कोई न कोई वर्कशॉप Teenage बच्चो को लेकर होते हे| वहां पर बच्चोको Enroll करे, उससे आपको Defiantly  Change दिखेगा|

5) Ask :-

आज से पहले ज्यादातर हम बच्चो को Suggestion or Advice देते थे| But Friends जब बच्चा Teenage में आता हे, उसके बाद उसके अंदर खुद का Ego  Develop  होता हे| अब हम उसको Advice देते हे तो बच्चा  हमारी बाते Accept  नहीं करता| बच्चा Argument  पे आ जाता हे और बच्चा हमारे पर Anger  करना Start कर देता हे|

आज के बाद हम क्या करंगे, तू TV बंध कर, तू पठाई पे ध्यान दे, तू कुछ करता नहीं ऐसी Advice देने से ज्यादा, Ask Him आप उसको पूछे की बेटा, आपको कोनसे टाइम पे पढ़ना चाहिए, आपको कितने समय में टीवी बंध कर देना चाहिए| So  उसको Advice देने से ज्यादा हम उसको Ask करे|

छोटी छोटी बातो को आप पूछ सकते हो| जितना ज्यादा आप बच्चो को पूछेंगे, जितने Option  हम उनसे पास से निकालेंगे तो हमें उतना ही अच्छा Result मिलेगा .

Teenage Children के लिए Tips देना चाहूंगा Friends :- बच्चो को डायरेक्ट Advice देने से ज्यादा बच्चो को 2 या 3 Option दे . Example :- तू कब पढ़ेगा, पढाई करने के लिए बैठ, तू आज पढ़ने के लिए बैठा ही नहीं, वो Direct  Advice  देने की जगह आप उसको पूछे की बेटा आज 4 O’clock  पढ़ने के लिए बैठोगे या  6 O’clock ? जब आप उसको पूछते हो और उसको दोनों में से 1 Option Choose  करना हे, तो Defiantly  Option  उसने Choose किया हुआ हे तो वो उसको Follow करने की Probability  बढ़ जाती हे|

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